यही समय तो अद्भुत होगा…आलोक शर्मा
=====”मन्थन” और मेरी कलम की “कल्पना”===== आलोक शर्मा/विसोखोर/महराजगंज/यूपी छः को चाँद मिलेगा पथ में, सात का सूरज मन्थन में; अनुजों को आशीष मिलेगा, अग्रज के अभिनंदन में! आठ बजे तक आ जायेंगे, निज कुल-वंशी प्यार लिए; 9 तक चाय-नाश्ता होगा, कॉफी अल्पा-हार लिए! यही समय तो अद्भुत होगा, मेल-मिलन संग अपनों में; बड़ी हस्तियां सम्मुख होंगी, जिनको देखा है...