मेरा राजा बेटा आएगा इक दिन…
माँ, जो दुनियां में लाई, खुद जगकर बच्चों को सुलाया, उनके गंदे साफ किए, वो बोझ बन जाती है… भारती रंजन/ दरभंगा, बिहार यही उम्मीद और इसी को दुहराते दुहराते एक माँ मर जाती है, मगर बेटा नही आया। जिस माँ शब्द में पूरा ब्रम्हांड छुपा है, उस माँ को अस्पताल में रोते-बिलखते छोड़ बच्चे अपने आप को बोझ से स्वतंत्र...