अंतरजातीय शादी पर एक सामाजिक व्यक्ति की व्यथा
भारी पछतावा होता था कि क्यों नहीं उच्च शिक्षा के दौरान ही इन बच्चों को समझा दिया कि परिवार को धोखा मत देना, शादी समाज में ही करना, समाज में एक से बढ़कर एक लड़कियाँ हैं। पर व्यस्त जीवन में यह कहने का कभी मौका ही नहीं मिला या कभी इस तरफ ध्यान ही नहीं गया। उधर कॉलेज में इन...