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एक पत्नी के होते दूसरी शादी कैसे संभव है? India 

एक पत्नी के होते दूसरी शादी कैसे संभव है?

अगर राम ने सीता की परीक्षा ली और उस समय राम को भी परीक्षा देनी होती।अपने पत्नीब्रत धर्म का तो हमारे समाज में औरत की ये दशा नहीं होती, अगर महाभारत में ये प्रश्न समाज ने किया होता कि क्या द्रौपदी को अपनी इच्छा पूरा करने का कोई हक नहीं है? 
अभय कुमार राय/कोलकाता
अभय कुमार राय/कोलकाता
अभय कुमार राय/कोलकाता

आज मुझे फेसबुक के एक सोशल ग्रुप में एक अजीबोगरीब पोस्ट पढ़कर अत्यंत पीड़ा हो रही है। एक स्वजातीय बंधु ने बिधवा या किसी कुंवारी से अपनी भाई की शादी का प्रस्ताव रखा है। यह पढ़कर मुझे थोड़ी देरी के लिए खुशी हुई परन्तु हकीकत से रूबरू हुआ तो आंखों में गुस्सा उतर आया सच्चाई कुछ और ही थी।
40 साल के उनके बड़े भाई जो पहले से शादीशुदा हैं और उनको संतान की प्राप्ति नही हुई है इसलिए शादी करना चाहते हैं। दूसरी शर्म आती है कि ऐसे दूषित मानसिकता के लोगों पर जो औरत को केवल उपभोग की वस्तु समझते हैं बच्चा पैदा करने की मशीन मानते हैं ।

मै पूछता हूं उन लोगों से अगर बच्चा पैदा नहीं हुआ तो क्या कमी केवल औरत में होगी? हो सकता है, पुरुष में भी कमी हो और अगर कमी औरत में ही है तो क्या उचित है कि दूसरी शादी से बच्चा हो ही जाए। बच्चा गोद भी लिया जा सकता है। भगवान इस पुण्य को बरकत भी देगा और मान ली जाय कि कमी पुरुष में है तो क्या समाज उस औरत को दूसरी शादी की आजादी देगा?
हमने अपने ढंग से समाज का निर्माण कर लिया है और ये हमारी गलती नही है। अगर राम ने सीता की परीक्षा ली और उस समय राम को भी परीक्षा देनी होती। अपने पत्नीब्रत धर्म का तो हमारे समाज में औरत की ये दशा नहीं होती, अगर महाभारत में ये प्रश्न समाज ने किया होता कि क्या द्रौपदी को अपनी इच्छा पूरा करने का कोई हक नहीं है? 
युधिष्टिर को जुए में हारने का तो समाज मे स्त्री का मान सम्मान बढ़ता मगर नही हम रक तरफ तो समानता की बात करते है परन्तु अगले पल लड़कियों से भेदभाव। लड़को के बराबर शिक्षा नही देते न उनको कोई स्वतन्त्रता। उनको अपना भविष्य बनाने का मौका भी नही देते और फर शादी विवाह में भारी भरकम दहेज की माग। मैं तो कहता हु ऐसे लोगो को समाज से निकाल देना चाहिए जिनकी मानशिकता ऐसा है। माफी चाहुगा अगर किसी को बुरा लगा हो तो परन्तु आज खुद को रोक नही पाया मैं।
Comments on Facebook group:
Rekha Roy: nice thinking
 
women cryingRoy Tapan Bharati: एकदम सही मुद्दा उठाया आपने। वह सज्जन कौन हैं। नाम भी बताइए हमे।
 
Abhay Kumar Rai मैं मान्यवर का पूरा विवरण आपके समुख रख दिया श्रीमान
 
Roy Tapan Bharati यह पोस्ट कहां हुआ था
 
Abhay Kumar Rai पोस्ट करते समय तो केवल शादी की जिक्र किये थे पढ़कर अच्छा लगा आपके द्वरा कुछ बताये रिस्तो के बारे में भी अवगत कराया गया परन्तु सच्चाई सामने आने पर मन बहुत व्यथित हुवा
 
Ssangeeta Tiwari पत्नी के जीवित रहते हुए शादी करना ,,गलत है,,,,,,,और नारी का अपमान भी है,,,,,बच्चा गोद ले सकते है,,,,,
 
Roy Tapan Bharati बच्चा गोद.लेना ही सही तरीका है। अन्यथा दूसरी शादी करने पर उन्हें जेल की हवा खानी पड़ेगी।
 
Abhay Kumar Rai दूसरी शादी होने हही क्यो दे ऐसे लोगो को तो उससे पहले ही जेल में होना चाहिए
 
Ssangeeta Tiwari कोई भी वो व्यक्ति कानूनन दुबारा शादी कर सकता है जिसकी पत्नी बच्चा जनने मे असमर्थ है
 
Abhay Kumar Rai मैं मानता हूं कि कानून में वर्णित है परन्तु इस कानून का निर्माण कौन किया है और जब कानून बना था तब विज्ञान इतना प्रगती नही किया था अब तो उधारी के कोख से भी बच्चा पैदा किया जा सकता है मेरे ही एक सीनियर है उन्होंने भी ये तरीका अपनाया है
 
Ssangeeta Tiwari जी बिल्कुल,,,,,,ये गलत काम है,,,,,,,पत्नी को सम्मान दे,,,और शादी न करे
 
women cryingRoy Tapan Bharati जहां तक मुझे जानकारी है बच्चे नहीं होने पर भी हिन्दू विवाह कानून के तहत दूसरी शादी की इजाजत नहीं है। केवल बच्चे को गोद लेने का संवैधानिक अधिकार है।
 
Abhay Kumar Rai हिन्दू लॉ में वर्णित है सर आपसी सहमति से अगर औरत बच्चा देने में असमर्थ है तो पुरुष दूसरी शादी कर सकता है परन्तु उस समय समाज कुछ और था
 
Ssangeeta Tiwari ये बाते बाबा आदम के जमाने की थी
 
Alok Sharma बिलकुल क़ानूनी रूप से यह शादी नहीं हो सकती!और नाइटी रूप से भी उचित नहीं है!
 
Vinod Shastri दूसरी शादी नही करनी चाहिये. यह महा पाप होगा .
हमारी शादी को 8 साल हो गए पर कोई बच्चा नहीं हैं गोद लेने की सोच रहें हैं अगर कोई स्वजातीय बच्चा हो बताईये। जय श्री कृष्णा
 
Abhay Kumar Rai विनोद जी आपके चरण को हम बंदन करते है आप उन लोगो के लिए मिशाल हो कृपया आप अपने विचार अपने एक पोस्ट के माध्यम से रखे
 
Abhay Kumar Rai गलतियों को सह देना उससे भी गलत है और ऐसे लोग समाज मे कैंसर की तरह फैल हुए है जिनका सिर्फ एक ही इलाज है समाज से बहिष्कृत कर दिया जाय
 
Pankaj Kumar Sharma अभय जी इस जाति मे ऐसे लोग भी हैं इन्हे बाजार मे खड़ा कर देना चाहिये ।अरे फेसबुक मे बिना दहेज की बात करेंगे जब इन मादर…..के पास जाओ तो असली चेहरा दिखता है
 
Amit Sharma गजब की घटिया मानसिकता है ये आदमी अगर संतान के लिए शादी कर रहा है तो घटियापन की पराकाष्ठा है घर मे परिवार मे नात रिश्तेदार का औलाद गोद ले सकता है अनाथालय से गोद ले सकता IVF तकनीक का उपयोग कर सकता है बहुत रास्ते है संतान पाने का…. अगर दुसरी से नही हुआ तो क्या तिसरी लायेगे….. घटिया आदमी घटिया सोच…. औरत को उपभोग की वस्तु समझता है चार जुते का काम किया है
 
Rakesh Nandan आपने बिलकुल सही कहा अभय जी!
 
Ssangeeta Tiwari ऐसे ही फालतू कामो से हमारा समाज बदनाम है और सम्मान खोता जा रहा है।
 
Roy Tapan Bharati जहां तक मुझे जानकारी है बच्चे नहीं होने पर भी हिन्दू विवाह कानून के तहत दूसरी शादी की इजाजत नहीं है। केवल बच्चे को गोद लेने का संवैधानिक अधिकार है।
 
Ssangeeta Tiwari शायद तलाक का एक आधार बांझपन भी है,,,,,
 
Ssangeeta Tiwari लेकिन एक पत्नी होते हुए दूसरी शादी मान्य नही है
 
Sunil Sharma तुलसी इस संसार में भांति भांति के लोग विधवा को सहारा देना तो दूर सोतन का दर्जा दिलाने को अतुल मूर्ख तो जैसे व्यक्ति से शादी करने से वह ताउम्र ऐसे ही रहे ज्यादा खुश रहेगी बच्चे नहीं हैं सही कहा प्रभु बच्चे पैदा करने की मशीन समझ रखा है औरत को नालायक पोस्ट बनकर मन व्यथित जरूरत से ज्यादा बोलने मैं आ गया हो क्षमा चाहूंगा
 
Abhay Kumar Rai आनंद बाबू आपने सही कहा अगर इंसान कैपेबल है और औरत को कोई समस्या नही है तो उसे शादी कर लेनी चाहिए परन्तु दोस्त ये केवल एक इंसान से जुड़ी हुई समस्या नही अपितु ये पूरी नारी जाति के सम्मान की बात है और किस जमाने की बात कर रहे हो राजा दशरथ के या जब औरत को पैरों की धूल समझा जाता था और कल को ये समस्या आपकी बीबी के साथ हो आप मे कोई दोष हो तो क्या आप अपने बीबी की शादी कहि और करा दोगे समाज का भला करना है तो किसी गरीब भाई बंधु के बच्चों को शिक्षा दिलाओ और एक बात इस तरह की मानसिकता को मन मस्तिष्क से निकाल दो और किस कैपबिल्टी की बात कर रहे है किसी देश के राजा भी होते जो की वो समर्थवान है ऐसे में भी समाज ऐसे मानसिकता का विरोध करता अगर एक पुरुष को ये अधिकार दोगे एक से अधिक शादी का तो औरत के लिए भी ये अधिकार होना चाहिए की एक से अधिक शादिया एक साथ करे अगर दसरथ तीन रानिया रखे तो औरत द्रोपदी क्यो न बने जो कि समाज के लिए कुप्रभाव डालेगा ऐसे में हमे ही नही पूरे समाज को विरोध में खड़ा होना होगा औरत का सम्मान इस जग में सरोपरि है क्यो वो केवल बीबी ही नही माँ बहन और बेटी भी है हमारी जननी भी है
 
Abhay Kumar Rai बात दंपति के मिलने की नही है और न ही किसी एक परिवार की और किराये की कोख से किसी का बुरा नही होता न ही किसी की इज्जत खराब होती है या फिर गोद लिए हुए बच्चे से ऐसे बहुत से रोगी है समाज मे जो इच्छा मृतयु चाहते है तो क्या सबको मार देनी चाहिए ये अधिकार नही है जो समाज के हित मे नही है उस को मान्यता मिलनी ही नही चाहिए आपने खुद कहा कि बच्चा के लिए दूसरी शादी इसकी क्या गैरंटी है दूसरी शादी से भी बच्चा पैदा होगा अगर नही हुआ तो तीसरी शादी कराओ फिर चौथी मित्र बच्चा होना न होना ये कुदरत के हाथ मे है ये मुद्दा किसी एक व्यक्ति का नही परन्तु समाज का कल को मेरी बहन बेटी के साथ भी ऐसा होगा तुम्हारे साथ भी हो सकता फिर कितनी शादिया कराओगे जो किस्मत में उसी में खुश रहो यही प्रकृति भी सिखाती है
 
Abhay Kumar Rai आप जिस शादी की बात कर रहे हो वो तभी संभव जब पहली पत्नी को तलाक दिया जाय और मैं कोई किताबी भाषा नही बल्कि हकीकत बया किया मैं ऐसे सैकड़ो लोगो को जनता हु जिनकी संतान नही है किसी ने भाई के बच्चों में किसी को गोद लिया तो किसी ने सामाजिक संस्थाओ से गोद लिया और तलाक का आधार केवल प्रजनन क्षमता हो ये समाज स्वीकार नही करेगा तलाक के बहुत से आधार है और होने भी चाहिए परन्तु ऐसा परित्यगता वाला आधार हो तो समाज के लिए एक घृणित कार्य होगा आप हिन्दू लॉ पढ़िए क्या है शादी का आधार समझ मे आ जायेगा
 
Abhay Kumar Rai किसी की मजबूरी का फायदा उठाने की बात कर रहे हो कौन सी लड़की होगी जो सौत के साथ रहे और आप क्या अपने परिवार में किसी लड़की शादी कराओगे ऐसे जगह माफी चाहुगा बुरा लगे तो परन्तु अपने पर भी सोच लेना चाहिए एक मजबूर की मदत करने का ये अच्छा तरीका बताया आपने इससे अच्छा होता उसकी शादी कहि और करा देते पूण्य भी मिलता
 
Abhay Kumar Rai आनंद जी माफी चाहुगा परन्तु बस मुझे आप एक छोटे से प्रश्न का जबाब दे दीजिए क्या आप अपनी बहन बेटी की शादी ऐसे जगह कराओगे मैं उसी रियल्टी के ग्राउंड पर आ जाऊँगा और हमारा वाद विवाद भी खत्म हो जाएगा
 
Abhay Kumar Rai जब आप जरूरतमंद नही है फिर किसी की मजबूरी को अपने स्वार्थ में बदलने की बात क्यो कर रहे हो जब अपने परिवार से बात आई तो आप जरूरत मंद नही रहे अगर बात जरूरत मन्द की जरूरत का है तो बिधवा की शादी में सहयोग करो किसी बिन ब्यहे या विधुर से करने में न कि अपनी स्वार्थ की पूर्ति के लिए किसी की मजबूरी का फायदा उठाने की बात कर रहे
 
Abhay Kumar Rai मैं क्या करुगा किससे शादी करुगा या बिन शादी के रहूंगा ये तो वक़्त की बात है और मुझे जो सही लगा मैं अपना विचार प्रगट किया और लोगो को भी जो उचित लगा अपना विचार रखे आपको भी जो सही लगा आपने भी कहा परन्तु हम दूसरों के प्रति भी वही सोच रखे जो खुद के लिए तो अच्छा है
 
Abhay Kumar Rai ये कोई मेरी लड़ाई नही अपितु समाज की आनन्द भाई ने जो बात कही और मैने जो कहा उसकी साथर्कता हेतु आप सभी समाज के समानित गणों से अनुरोध है कि अपने विचार रखे
 
Arvind Ray life is never bonded by rule .It always flexible .Some people like one thing other like other option and there is commen option also which colled sosiol and general option.Which suete to a individual could do without harm to unother one.
 
Ssangeeta Tiwari मैंने सारी बात ध्यान से पढ़ा शादी के लिए इच्छुक व्यक्ति ने अपनी हकीकत सबको बता दिया झूठ बोलकर शादी करने और धोखा देने का उसका इरादा नही है ,,,,,,उसे जरूरत है और वो जरूरत मंद खोज रहे है,,,,,सबकी अपनी अपनी समझ और परिस्थिति होती है,,,,,,फिर भी दूसरी शादी दुख ही देता है,,,पुनर्विचार करना चाहिए
 
Amit Sharma बात ये नही है कि सच बोलना कि औलाद के लिए शादी कर रहा हु…. जैसा मैने पहले भी कहा बहुत रास्ते है औलाद पाने के उसका भी उपयोग करे…. मै पुरूष हु और मुझे कहने मे शर्म नही है कि ये दोगली मानसिकता सिर्फ पुरुषो मे होती है
 
Rakesh Nandan इस पूरे प्रकरण के नैतिक पहलू के अलावा आर्थिक पहलू भी है! Hindu Marriage Act एवं सरकारी नियमों के मुताबिक़, बिना पहली पत्नी से divorce लिए दूसरी शादी क़ानूनी रूप से वैध्य नहीं है! अतः अगर ऐसे इंसान की किसी ऐक्सिडेंट या बीमारी से मृत्यु हो जाती है तो फ़ैमिली पेन्शन पहली पत्नी को मिलेगी! तो उस बेचारी दूसरी पत्नी और उसके कोख से जन्मे बच्चों का क्या होगा! वे तो सड़क पर आ जाएँगे!
Abhay Kumar Rai आज इस ज्वंलत मुद्दे पर अपने विचार रखते हुए मुझे गर्व महसूस हो रहा कि हमारे बीच विनोद जी जैसे महान लोग भी है जिन्होंने बेझिझक अपना बयान दिया कि शादी को 8 साल होने के उपरांत बच्चा नही हुआ इसलिए मैं बच्चा गोद लेना चाहता हु स्वजातीय बन्धुओ से अनुरोध है कि विनोद जी सम्मान करते हुए इन्हें ऐसे बच्चे से मिलवाये जिसको मा बाप की जरूरत हो और मैं उनके इस जज्बे को सलाम करता हु
Diwakar Sharma Bhatt बंधुओं , मुझे लगता है कि वस्तुस्थिति जानने के बाद नाराजगी या ऐसे व्यक्ति को कोसना उचित नहीं क्योकि हम चाहे जितनी बात करे कडुवा सच यही है कि हमारा समाज आज भी अन्य की अपेक्षा हर छेत्र में बहुत ज्यादा पीछे है हम अपनी सोच को वर्तमान सामाजिक ताने बाने में ढाल ही नहीं पाए है यही कारण है कि ऐसी मामले सामने आ रहे है पर ख़ुशी इस बात कीहै की आज मामले बृहदसमाज के सामने आ रहे है और हम आज ऐसे लोगों की पोस्ट के माध्यम से काउंसलिंग कर सकते है सही राह दिखा सकते है .एक पत्नी के होते हुए दूसरा विवाह अनुचित है तर्क चाहे कोई भी हो .आजकल संतान प्राप्त करने के कई रास्ते है जैसे बच्चा गोद लेना ,परखनली शिशु ,किराए की कोख द्वारा आदि और फिर भी सफता नहीं मिले तो यह मान लें कि ईश्वर की यही मर्जी है शायद ईश्वर ने किसी बड़े उद्देस्य पूर्ति हेतु संसार में आपको भेजा है आप अपने को पहचाने और जीवन में कुछ ऐसा करने कीे सोंचे जो आपके जीवन की सही दिशा निर्धारित करे और समाज और राष्ट्र आप पर गर्व करे .

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