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जागृति आई है लोग बढ़-चढ़ कर समाज सेवा करना चाहते: राजीव शर्मा Delhi India 

जागृति आई है लोग बढ़-चढ़ कर समाज सेवा करना चाहते: राजीव शर्मा

दुमका में रेवती नन्दन चौधरी ने मुझे लगभग 20 लोगों से मिलवाया, मनोज कुमार राय ,पंकज कुमार महाराज, विनोद सारस्वत, मणिकांत राय, स्व पंडित ललन महाराज के पूरे परिवार से,अरूण राय वकील साहब से एवं और सारे लोगों से जो समाजिक हैं और समाज के उत्थान मे भागीदारी करना चाहते हैं।

लेखक: राजीव शर्मा, सदस्य, ब्रह्मभट्टवर्ल्ड दिल्ली मंथन समिति, नजफगढ, दिल्ली.

आज दिनांक 18 सितंबर 2018 को मैं ब्रह्मभट्टवर्ल्ड के संस्थापक और पत्रकार राय तपन भारतीजी से उनके आवास पर मिलने और देश के कुछ हिस्सों मे जातियों के प्रबुद्ध जनों से भिन्न-भिन्न जगहों पर रूकना पडा, जहाँ अपने संबधियों ने जागृति कर लोगों के उत्थान के लिए चर्चाएं की, जिसे मैने तपन सर को विस्तार से बताया।
अपनी यात्रा के क्रम मे मेरा प्रवास कोलकात्ता, आसनसोल, बोकारो, चास, दुमका, धनबाद, बासुकीनाथ, जमदाहा, बांका गोड्डा, भागलपुर, पटना भी रहा। हर जगह मंथन और पंडित शुक्लजी की जयंती पर विस्तृत चर्चा हुई। मैैंने अनुभव किया कि अपनी जाति के लोगों में अब  काफी जागृति आई है, सभी समाज के उत्थान में बढ-चढ कर हिस्सा लेने को आतुर हैं।
दुमका में एडवोकेट रेवती नन्दन चौधरी ने मुझे अपने समाज के लगभग 20 लोगों से मिलवाया- मनोज कुमार राय ,पंकज कुमार महाराज, विनोद सारस्वत, मणिकांत राय, स्व पंडित ललन महाराज के पूरे परिवार से, अरूण राय वकील साहब एवं और सारे लोगों से जो सामाजिक हैं और समाज के उत्थान मे भागीदारी करना चाहते हैं।
मैं रेवतीजी के साथ उनके गांव गया, वहाँ दो दिनो का मेरा प्रवास रहा। रेवतीजी के गांव का नाम जमदाहा, थाना कटोरिया, जिला बांका बिहार में है। इनका गाँव प्रकृति की गोद मे बसा बडा ही रमणीक स्थान है। गांव काफी पुराना है, मै अनेकों बार यहाँ आ चुका हूँ। बांका जिला मुख्यालय से 17 किलोमीटर, भागलपुर से 55, मंदारहिल से 15 और देवघर से 50किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित है। नदी चानन, कुरार इस गांव को छूते हुए बहती है। एक पहाड़ भी इस गांव में है जहाँ शिव परिवार का मंदिर बना हुआ है जिसमें आरके चौधरी का काफी योगदान है। उन्होंने पहाड़ पर चढने के लिए सीढियां बनबायी है।और भी कई एक मंदिर इस गांव मे स्थापित हैं जिनमे अधिकतर अपनी जाति के श्री आर के चौधरी जी द्वारा बनबाया गया है जो ब्रह्मभट्टवर्ल्ड की सदस्य नीलू शर्मा के बडे पिताजी हैं।
जमदाहा प्रवास के दौरान रेवतीजी ने मुझसे कहा कि उनकी चाह है कि मैं जाति के उत्थान मे अपना योगदान करना चाहता हूँ और मैंअपनी जाति के बुजुर्गों की सेवा के लिए एक बृद्धाश्रम और हम ब्राह्मणत्व को अपने मे पुनः ला सकूं, इस निमित्त गुरूकुल की स्थापना करना चाहता हूँ और इसके लिए मै अपने पुरखों की जमीन मे से10कठ्ठा दूंगा और यह हमारे जाति के लिये होगा ।मै रेवती जी की बातों से काफी अविभूत हुआ और मन मे आया कि तपनजी से इसपर विचार विमर्श करूँ।
मैं अपने लक्ष्य में कामयाब हुआ और तपन सर को सारी बातें बताई जिसे उन्होंने काफी मनोयोग से सुना। आगे उनकी रणनीति होगी। आज रात्रि भोजन मैंने तपनजी के साथ ही किया, इसी बहाने मुझे आदरणीया संध्या भाभी जी और बच्चों का भी सानिध्य प्राप्त हुआ। \

Comments by BBW members on facebook group: 

Dilipkumar Pankaj आदरणीय महोदय आपकी बातों में जरा भी अतिशयोक्ति नहीं है। निश्चित तौर पर अपने समाज में एक नवजागृति आई है। खासकर युवाओं में। जैसे-जैसे अपनी विरादरी संपन्नता की ओर बढ़ रही है वे सारे सपने आँखों के सामने तैर रहे हैं जिन्हें या तो हमारे पूर्वजों ने देखा था.
Ravi Choudhary अंकल प्रणाम..बहुत ही अच्छा लगा सुन के आप हमारे गाँव गये थे। ग्रुप के सदस्य आर के चौधरी और परमानंद चौधरी हमारे दादा जी हैं।
 
Roy Tapan Bharati. फोन पर राजीव शर्माजी को जैसा समझा वैसा ही सामने आने पर एहसास हुआ। राजीवजी के पिता का 45 साल पहले लुंगी का जबरदस्त कारोबार था पर बांगलादेश युद्ध में उनका सारा माल बमबारी में जल गया। बहरहाल, राजीव जी तपे हुए इंसान हैं। ईश्वर उन्हें खुशहाल रखे।
Deorath Kumar. लाज़वाब व्यक्तित्व, आज बात कर मन खुश हो गया
 
Ajay Rai बहुत ही सुंदर और रोचक विश्लेषण एक बार रांची भी आइये ताकि हमसब भी जी भरकर आपसे बाते कर सके और सामाजिक उथान पर चर्चा।
 
Rakesh Sharma. आदरणिय शर्मा जी आपका पोस्ट पढकर मन गदगद हो गया, आप जैसे समाज सेवक अगर हर एक जिला में हो जायें तो निश्चित रुप से इस समाज का कायाकल्प हो जायेगा। हमारे समाज के युवा जाग चुके हैं और वे अपनी खोयी हूई अस्मिता को वापस लाना चाहते हैं
 
Tuhin Kumar जमदाहा(बाँका) के रेवती जी द्वारा वृद्ध।श्रम और गुरूकुल की स्थापना हेतु अपनी दस कटठा जमीन देना अपने समाज के लिए एक बडी उपलब्धि होगी।
 
Parmanand Choudhary हमारे गांव जमदाहा का ब्रह्मभटट वर्ल्ड से परिचय कराने के लिए राजीव जी को धन्यवाद।अमेरिका में बसे बड़े भाई राम कृष्ण चौधरी के कारण जमदाहा मंदिरों की बस्ती बन गई है।मोका मिले तो पुनः पधारें। धन्यवाद।
 
Radhey Shyam Rai Shyamrohtasi
आयो चलो कारवाँ बनायें पूर्बजों की यश गाथा गायें
ब्रह्मभट्ट हम में है दम सपने को साकार बनायें
आपस के मनभेद मिटायें बस आगे हीं बढ़ते जाये
श्यामरोहतासी सब मिल जायें एकता का परचम लहराये।।
बहुत अच्छा विचार आप सब साधुवाद के पात्र है।
 
Swaminath Sharma कर भला तो हो भला यह हमारा दर्शन है।पहले परिवार का भला करने की आदत हमारे युवा पीढी सिखे।फिर समाज के लिए बढे।ऐसा करने पर बहुत आनंद आएगा।करके दे खिए।राजीव जी का पहल सराहनीय है। शुभकामना।
 
हरिओम प्रासाद राय भट्ट. बहुत ही अच्छा पहल, राजीव से मेरी मुलाकात हुई है, बहुत ही सुलझे हुए समाजिक, और अपने के प्रति स्नेह रखने वाले व्यक्ति हैं, जहां तक रेवती भाइ, हमारे भाइ एवं दोस्त भी है, बचपन से ही हंसमुख स्वभाव का मिलनसार व्यक्ति का इसतरह का समाजिक पहले से हम बहुत ही अभिभूत है, और हम उनको दिल से बधाई देते है।

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