काशी मंथन में अपने प्रगतिशील समाज, उसकी जागरूकता देखकर हर्ष की अनुभूति हुई: एडवोकेट मनोज शर्मा
मनोज शर्मा एडवोकेट सारनाथ वाराणसी
“जिसने भी छुआ वो स्वर्ण हुआ
सब कहें मुझे, मैं पारस हूँ
मेरा जन्म महाश्मशान
मगर जिंदा शहर बनारस हूं”

मैं मनोज शर्मा, एडवोकेट सारनाथ (काशी) वाराणसी का निवासी हूँ! पेशे से एडवोकेट हूँ, साथ ही मेरा रीयल स्टेट (शौर्य मित्रम रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड) का भी बिजनेस है. महानगर वाराणसी BJP विधि सलाहकार समिति का सदस्य रहा हूँ! विगत 25 दिसम्बर 2022 को काशी-मंथन महाउत्सव का आयोजन हुआ. जिससे मुझे भी जुड़ने का सुखद अवसर मिला. मैं काशी-वाराणसी का स्थानीय निवासी होने के नाते ‘काशी मंथन’ में शामिल हुए सभी स्वजनों का हार्दिक अभिनंदन करता हूँ!! और उन्हें बधाई देता हूँ!
काशी शहर की खासियतों को बयां करतीं ये पंक्तियां वाराणसी निवासी निवासी चंद्रशेखर गोस्वामी की हैं। वाकई, काशी न रुकती है न थमती है। न सोती है न अलसाती है। बस चलती रहती है। शहर की अलमस्ती और जिंदादिली के क्या कहने। कभी रात नहीं होती और इसी जिंदादिल शहर में BBW का 5 वां मंथन हुआ.

मंथन के बारे में अक्सर सुनता था पर, पहली बार अपने पूरे परिवार के साथ सम्मलित् होने का मौका मिला. मेरे परिवार से 16 सदस्यों की विराट उपस्थिति रही. मुझसे BBW एडमिन श्री अजय शर्मा बाबा ने इस संदर्भ में सम्पर्क किया था. और आगे लगातार संस्थापक राय तपन भारती जी के मार्गदर्शन से और BBW एडमिन प्रियंका राय जी के कुशल निर्देशन से मैं यहाँ पूरी तरह जुड़ पाया.
मैं काशी-मंथन अनुभव के अविस्मरणीय पल को साझा करना चाहता हूँ!! हर बड़े आयोजन की प्रशंसा और आलोचना भी जरुर होती है, मैं आलोचनाओं पर नहीं जाऊँगा!! .. .मंथन ने दिल जीता उस पे बात करूँगा!!

सबसे पहले मैंने किसी स्वजातीय सम्मेलन में भाग लिया है तो यह काशी मंथन ही है. और मुझे हमारे प्रगतिशील ब्रह्मभट्ट समाज और उसकी जागरूकता को देखकर अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो हुई! ब्रह्मभट्ट समाज निरन्तर आगे बढ़ते हुए जितना प्रयत्नशील दिखा वह वास्तव में अनुकरणीय व प्रसंसनीय है.
मंथन में सब कुछ नियमानुसार सिलसिलेवार दिखा.
भव्य काशी के’रुद्राक्ष सभागार’ में सैकड़ों की संख्या में स्वजनों की संख्या का नजारा अद्भुत था. प्रवेश करते कौतूहल भाव बन रहे थे. सब कुछ नियमानुसार सिलसिलेवार दिखा. बढिया नाश्ते और भोजन का प्रबंध मन को लुभा गया.

कार्यक्रम की शुरुआत रोचकता से हुई. मुख्य सत्र पर “2030 में हमारे ब्रह्मभट्ट समाज को हम कैसा देखना चाहते हैं’, के विचार समग्र विचारों से सम्बंधित थ
सबसे प्रेरणादायी पहल दिखा, मेधावी छात्र व छात्राओं को पुरस्कृत करने की योजना का कार्यान्वयन. . समाजिकता से सरोकार रखने वाले स्वजनों का ‘सम्मान समारोह’ कार्यक्रम दिव्यता को परिभाषित कर रहा था….

सामाजिक आर्थिक सांस्कृतिक और राजनीतिक परिस्थितियों में हमारे समाज में किस तरफ बदलाव हो रहे हैं, इनको ध्यान में रखते हुए अभी और भी आगे बढ़ने की आवश्यकता है.
इस विषय पर हम स्पष्ट दृष्टिकोण से समस्याओं के निदान पर प्रयासरत रहें. अपने समाज के लोगों को हम किस तरह से प्रेरित कर पाएं कि वो हर क्षेत्र में विकास कर पाएं. जहाँ आवश्यकता हो वहाँ तन- मन- धन से एक दूसरे को पूर्ण सहयोग देकर लक्ष्य की प्राप्ति करें. और समाज को नया आयाम दे! मैंने भी अपनी स्वेच्छा से इस सामाजिक स्वजातीय महायज्ञ में सहयोग कर खुद को धन्य महसूस किया!!
बहरहाल, पूरे परिवार के साथ मंथन रूपी भव्य पारिवारिक समागम में शामिल होने की खुशी वर्षों तक रहेगी!! बेहद प्रभावित मन से मैं मंथन और BBW से जुड़ा हूँ और आगे भी हर मंथन में उपस्थित होने की मेरी हार्दिक इच्छा है!!

में ब्रह्मभट्ट युवाओं की उत्साहित भागीदारी से देखने को मिला. जिसका जज़्बा और खुशनुमा माहौल ‘महिला-सत्र’ के शानदार प्रदर्शन से जुड़ते परिदृश्य हुआ.