सम्मेलनों से आगे सेवा में आगे आए ब्रह्मभट्ट समाज

0 उलबा नया रायपुर में बनेगा ब्रह्मभट्ट ब्राह्मण भवन
0 महिला संरपंच सहित लगभग 100 लोगों का हुआ सम्मान
0 दहेज लोभियों को मंच से फटकार
Pramod Bramhbhatt/रायपुर
भिलाई नगर में आयोजित राष्ट्रीय ब्रह्मभट्ट ब्राह्मण सम्मेलन में महंगे सामाजिक सम्मेलन की जगह सादे सम्मेलन करने और बचे हुए पैसों से समाज के पिछड़े, निर्धन लोगों की सहायता के लिए खर्च करने का आव्हान किया गया। मंच से ग्राम उलबा नया रायपुर में ब्रह्मभट्ट ब्राह्मण भवन बनाने की घोषणा की गई। इसके साथ ही मंच से दहेज लोभियों को फटकारा गया तथा समाज के विभिन्न लगभग सौ लोगों का सम्मान किया गया।
पिछले 25 दिसंबर को भिलाई सेक्टर 6 के सिविक सेंटर प्रगति भवन में आयोजित राष्ट्रीय ब्रह्मभट्ट ब्राह्मण सम्मेलन में समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरखनाथ शर्मा, उत्तर प्रदेश ब्रह्मभट्ट ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष अशोक शर्मा प्रतापगढ़ के महेश शर्मा, मिर्जापुर के राकेश पंडा सहित बड़ी संंख्या में बिहार पटना , गुजरात तथा अन्य प्रदेशों से ब्रह्मभट्ट ब्राह्मण सभा पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित हुए।
भिलाई का सम्मेलन सुबह 9 बजे से प्रारंभ हुआ सम्मेलन को चार भागों में बांटा गया था-युवा सम्मेलन, महिला सम्मेलन, सामाजिक सम्मेलन -सम्मान समारोह तथा युवक-युवती परिचय सम्मेलन। य़ुवा सम्मेलन में समाज के युवाओं की समस्या पर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने अपने उद्भोधन में सामाजिक कुरीतियोंं पर प्रहार किया और यह भी कहा गया कि आने वाले समय में समाज में तेजी से प्रेम विवाह के प्रकरण देखने को मिल रहे हैं इस समस्या पर कैसे अंकुश लगाया जाए।
यह भी विचार किया गया कि समाज को प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों के प्रति नरम रवैया अपनाना चाहिए अन्यथा वे अपने मूल समाज से कट जाएंगे जिससे हम विकसित होने की जगह जड़ समाज में परिवर्तित हो जाएंगे, हमें हमारे समाज को आज के बदलते संदर्भ में देखना होगा।
महिला सम्मेलन में सारे वक्ताओं का फोकस बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर था। इस दौरान नारी शिक्षा पर विशेष बल दिया गया और कहा गया कि नारी को शिक्षित किए बगैर स्वस्थ्य समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। सम्मेलन में बेटियों को आत्म-निर्भर बनाने का भी आव्हान किया गया। सम्मेलन में मंच से दहेज लोभियों को फटकार लगाई गई कि सभा सम्मेलनों में लोग दहेज न लेने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और बाद में पीछे के दरवाजे से दहेज लेते हैं। महिला सम्मेलन में दहेज न लेने की समझाइश दी गई । सम्मेलन में यह भी विचार रखा गया कि यदि समाज की माताएँ स्वयं से दहेज का विरोध शुरू कर दें तो इस समस्या से निजात पाई जा सकती है।
सामाजिक सम्मेलन में वक्ताओं ने समाज के महान वैज्ञानिक आर्यभट्ट तथा वेद मीमांसक आचार्य कुमारिल भट्ट के जीवन के प्रसंगों को याद किया। सम्मेलन में यह विचार रखा गया कि समाज के महंगे आयोजनों से बचते हुए सादे ढंग से सम्मेलन आयोजित किए जाएं और बचे हुए पैसों को समाज के गरीब निर्धन परिवार के बच्चों के उत्थान में खर्च किया जाए। सम्मेलन में यह घोषणा भी की गई कि ग्राम उलबा नया रायपुर में ब्रह्मभट्ट ब्राह्मण भवन बनाया जाएगा। इसके लिए राजेन्द्र शर्मा, प्रेमशंकर तथा मनु शर्मा ने 11 हजार वर्ग फुट की जमीन दान स्वरूप उपलब्ध करा दी है। भवन का भूमिपूजन आगामी वसंत पंचमी को किया जाएगा। सामाजिक सम्मेलन में शिक्षा,समाज सेवा,कृषि में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए तथा लंबी आयु के लिए जैसे कई वर्ग से लगभग सौ लोगों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से ग्राम उलबा की वर्तमान सरपंच दिव्या शर्मा का सम्मान किया गया तथा एक साथ पांच पीढ़ी देखने वाली समाज की ही जनित्री बाई उम्र 95 वर्ष का सम्मान किया गया।
सामाजिक सम्मेलन में ही झारखंड सभा के पदाधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों नई दिल्ली में सर्व ब्राह्मण सभा के साथ मिल कर ब्रह्मभट्ट ब्राह्मणोंं ने भी आरक्षण की मांग रखी है। समाज का कहना है कि हमें कुछ प्रदेशों में आरक्षण प्राप्त है तथा सभी प्रदेशों में आरक्षण प्राप्त नहीं है। हमें सभी ब्राह्मणों के आरक्षण की मांग के साथ हैं। अगर आरक्षण मिलता है तो ब्राह्मण के रूप में हमें भी आरक्षण चाहिए। हम उनकी आरक्षण की मांग से अलग नहीं हैं बल्कि हम उनकी मांग के समर्थन में सहभागी हैं।
कार्यक्रम के अंत में युवक-युवती परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें युवकों ने तथा युवतियो के अभिभावकों ने अपनी पुत्रियों का परिचय दिया और आगे संबंध की बात करने के लिए अपने मोबाइल नंबरों का आदान प्रदान किया।
सम्मेलन को सफल बनाने में राष्ट्रीय ब्रह्मभट्ट ब्राह्मण सभा, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा श्रीमती आभा भट्ट, छत्तीसगढ़ सभा के प्रांतीय अध्यक्ष राकेश भट्ट, जिला दुर्ग जिला अध्यक्ष अनीस भट्ट, एन.पी.शर्मा बिलासपुर, संजय शर्मा, श्रीमती चंद्रकला शर्मा, रमेश शर्मा भंडारा, रायपुर जिले से सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष बंशीलाल शर्मा, श्याम शर्मा, आरएस ब्रह्मभट्ट, राज किशोर भट्ट, विनय शर्मा, जागेश्वर शर्मा, अविनाश भट्ट, वाईएस भट्ट, श्रीमती ज्योति भट्ट, श्रीमती शीला भट्ट, श्रीमती शशिलता शर्मा का विशेष सहयोग रहा। सम्मेलन में भोपाल की पत्रिका ब्रहमसत्य के संपादक अक्षय राय भी उपस्थित थे।
सभा का संचालन राजेश शर्मा तथा अभिलाशा भट्ट ने किया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, बिहार,उत्तर प्रदेश, बिहार,झारखंड, गुजरात तथा अन्य प्रदेश के लगभग पांच सौ विप्रों ने भाग लिया।