You are here
आपकी संतान कहीं चकमा तो नहीं दे रही! Bihar India 

आपकी संतान कहीं चकमा तो नहीं दे रही!

अगर आपकी बेटी लडके को पसंद नहीं कर रही हो या बेटा लड़की को बार-बार बारबार रिश्ता करने से मना करे तो इसका मतलब है कि अभिभावक की पकड़ कमजोर हो रही है!

हरिओम प्रासाद राय भट्ट/Valsad

Hari222
हरिओम प्रासाद राय भट्ट/Valsad

अगर आपका बेटा या बेटी बार-बार अपनी शादी के प्रस्ताव को टाल रहे हों तो, सावधान हो जाइए! मेरा मतलब है कि अगर आपकी बेटी लडके को पसंद नहीं कर रही हो या बेटा लड़की को बार-बार बारबार रिश्ता करने से मना करे तो इसका मतलब है कि अभिभावक की पकड़ कमजोर हो रही है! निश्चित तौर पर रिश्ता इंटरकास्ट की तरफ जा रहा है। आप यकीन कीजिए, यह पोस्ट Ground Research पर आधारित है।

अभी-अभी सूचना मिली है कि MBBS में पढने वाली एक स्वजातीय युवती, जो भागलपुर मेडिकल college में अध्ययनरत थी, दूसरे समाज में शादी कर ली। DELHI निवासी एक स्वजातीय युवक, जो Engineering कर चुका है, के माता-पिता के अनगिनत नखरे थे। आजकल में इनकी भी शादी intercast होनी वाली है। हमने भी तीन युवतियों की शादी का प्रस्तावइनके यहां भेजा था, लेकिन माँ बाप की ढुलमुल निति और high Conditional आकांक्षा के चक्कर में यह रिजल्ट परिलक्षित हुआ।

Airlines में जाब करने वाली एक और लडकी भी दूसरे समाज में शादी कर चुकी है, इनकी भी यही आदत थी।

ऐसा हम इसलिए देखते या सुनते है क्योंकि

*अभिभावकों का दहेज के लिए अड़ियल रवैया, जिसके कारण शादी में अकारण देर, जिससे लडकों में दूसरे समाज की तरफ झुकाव

*माँ, पिता का समाज से दूर रहना, और बच्चों को समाज से दूर रखना

*लडकी में सीमा से ज्यादा सुंदरता की तलाश,

Hari on phone*Carporate Culture वाली मानसिकता से ग्रसित होकर लडका रिअल life में Reel life वाली लड़की की आकांक्षा रखना।

*अपने समाज में नहीं जुडने से,प्यार दूसरे समाज में पाने की इच्छा

हमारा मानना है कि, समय से निर्णय करे, अभिभावक बच्चे पर अपनी पकड़ बनाए रखे, समाज के तरफ बच्चों को MOVE करने के लिए प्रेरित करे,नही तो फिर Cast में शादी करने की आशा मत रखे,जो हो रहा है होने दे, आप बस खुश रहे, क्योंकि आप ने गलती की है, आप को झेलना है, मन से अगर स्वीकार हो भी गया तो भी कसक तो रहेगा, क्योंकि आप का रिश्ता दूसरे समाज में हो रहा है, आप को वो दिली आनंद नहीं आने वाले है।

याद रहे,हमलोग आर्यन नस्ल के है हमारी सुन्दरता सिमित है, अगर आप, Foreigner को दिमाग में रखकर, अपने समाज की लडकी और लडका रिश्ते देख रहे हैं, तो आप काल्पनिक दुनिया में है, आप भारी भूल कर रहे है, क्योंकि आशा ही दुख का कारण है, और मिलना है वही जिल्लत और रुसवाई, बजार सजा के लडकी की चयन करना बंद करे।

Comments by Brahmbhattworls members :

Rakesh Sharma : बिल्कुल सही बात। बे लाग लपेट। डरने की कोई बात नहीं भैया।बेटा बेटी कोई जानवर नहीं जिसे बांधकर रखा जायेगा।हां हम उन्हें अच्छा बुरा का ज्ञान जरुर दे सकते हैं बाकी उनकी खुशी में ही खुश। हम सच्चाई से भाग नहीं सकते तथा बच्चों को समाज के साथ जोडे रहेंगे तो वे अपनी सीमा समझेंगें और जब हम समाज को निचे देखेंगें तो वे खुद समाज से कट जायेंगें।इसलिये परेशान होने से अच्छा है अपने संबंधों से जकडे रहना।
Mahavir Prasad Bhatt हरिओम जी समाज की मानसिकता को भली भाति जानते है। अपने समाज की परिधि मे रहने की इनकी इक्षा सराहनीय है।
विचारो को नमन।
 
हरिओम प्रासाद राय भट्ट : आपने हमेशा हमें सराहा है, आप को दिल से रिस्पेक्ट करते हैं, आप मेरे दिल में रहेंगे, नमन।
Gautam Singh: आप एकदम सही कह २हे हैं, हरिओम बाबू मैं आपकी बातो से 100 प्रतिशत सहमत हूँ । आपके द्वारा बिना लाग लपेट के ये कहना मुझे बहुत भाया।
 
Ashok Kumar Sharma : Very nice advice. I like it……हरिओम प्रासाद राय भट्ट जी को अपने समाज की अच्छी जानकारी है!क्योकि ये लगभग सबकी खबर रखने की कोशिश करते है जो अपनों के लिए अच्छी बात है !
Kiran Singh : हरिओमजी आपने सही और खरी कही है लोग कहते हैं हाइट कितनी रंग कैसा अगर कम है तो सॉरी क्या कोई अभिभावक इस को बदल सकता है!
 
Deorath Kumar : बिलकुल बेबाकी से समाज की सच्चाई बताई है आपने। अड़ियल माता पिता को अभी भी चेत जाना चाहिए। स्वाजातीय रिश्तों के पारिवारिक आनंद की बात ही निराली है।
 
Roy Tapan Bharati : हरिओम प्रासाद राय भट्ट ji ने बहुत अच्छा पोस्ट लिखा है। यह जमीन ले जुड़ा तथ्य है। I agreed, यह पोस्ट Ground Research पर आधारित है।
 
Ajaykumar Mishra : कम दहेज मिली त लोग का कहि पतोह गांव जवार रिस्तेदारी मे सबसे सुंदर पढल चाही।यही सोच कर लोग फसते जाते है और फल वही होता है जिसकी कल्पना नही था।
 
Awadhesh Roy : आपने बिल्कुल सत्य कहा हैै | आज के समाज की एक खुली तस्वीर को आपने सत्य के धरातल पर ला रखा है | हम सबों को इस पर गहन चिंतन करने की आवश्यकता है|
Vinita Sharma : सभी लड़के या लड़कियाँ अन्तर जातीय विवाह नहीं कर लेते। प्यार दबाब की चीज नहीं है। ना ही प्यार जबरजस्ती हो जाता है। और मा बाप भी औलाद की खुशी के लिये उनकी शादी कर देते हैं। समझदारी इसी में है। आज भी उम्र होने पर भी कई लड़के लड़कियाँ कुवॉरे समाज के भरोसे बैठे ही हैं । चाह कर भी वे दूसरी जाति में शादी नहीं कर पाते । जो नखरे दिखाते हैं वे जानते हैं कि उनके बच्चे प्रेम विवाह करेंगे उसे छुपाने के लिये वे कुछ दिन नखरे दिखाते हैं कि समाज में उनके योग्य लड़का या लड़की नहीं मिला । मेरे ही शहर मे एक प्रतिष्ठत जज ने अपने बैंक अधिकारी बेटे के लिये नखरे दिखाये बाद में पता चला कि लड़का प्रेम विवाह कर लिया । प्यार कोई बाजार में बिकती थोड़े ही है कि गये और खरीद लिये,।
 
हरिओम प्रासाद राय भट्ट Survival of The Fitest, Keep Doing What Are The Required for Love, but, KEEP in Mind, This Is A relationship in which Threre Is Less interaction of Social, As Well flow of Community, since boys and Girl, Both Have suppressed the feeling of Sentiment of love of their parents, For Getting one love, Even Though this Is Bodyly love,,I can say like That, They Both Avoided of Many Love Of Their Own Family Society, Parents, So We.can say, This Relationship Is Based On False Based, Cannot Give A Good Smell of Feeling As We Want, Even I Can’t what Would Be In My house, Still I Myself Is Efforting For The Above
,Let Us Hope, Everything Would Be Fine
 
Satya Dev I agree with Hari Om Prasad Rai Bhatt ji’s ground reality. He has written these lines with intensive research on these issues.

Related posts

Leave a Comment