आखिरकार हम सब पटना मंथन में क्यों जुटें ?
Ranjana Roy

आप सब मेरी तरह ही 18 दिसंबर को पटना में होने वाले ब्रह्मभट्ट वर्ल्ड मंथन में सबसे मिलने के लिए उत्साही और बेचैन होंगे। पर आपमें से कुछ यह सोच रहे होंगे कि आखिर क्यों जाऊं इस सम्मेलन में? क्या मिलेगा मुझे, सम्मेलन में शामिल होने से? कुछ यह भी सोच रहे हैं कि मेरी बेटी की शादी में मुझे लोगों ने इतना परेशान किया …मेरे संकट में समाज मेरे साथ खड़ा नहीं रहा।
स्वजनों, ऐसे कई तरह के सवाल आपके आपके मन में उमड़-घुमड़ रहे होंगे। लेकिन जरा सोचिए अगर हम भी यही सोचते रहेंगे तो समाज आगे कैसे बढ़ेगा और हम आगे कैसे पढ़ेंगे?
अग्रजों, अनुजों और मित्रों, कुछ बदलाव लाने के लिए पहले हमें अपनी सोच बदलनी पड़ेगी तभी हम समाज को बदल सकते हैं। बहुत ही खूबसूरत उदाहरण देना चाहूंगी। अगर आज से 25 साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अंदर कार्य करते हुए हमारे मौजूदा प्रधानमंत्री मोदी अपने सपनों को उड़ान नहीं देते तो आज देशवासियों में जो positive Waves पैदा हो रहा है शायद संभव नहीं हो पाता !!
दोस्तों इस मंच पर लगभग हर दिन एक नए विषय पर चर्चा करके नई सोच को एक नई दिशा दी जाती है !
आज एक नई सोच के साथ समाज की रचना की कोशिश की जा रही हैं !!
मैं चाहूंगी कि आप सभी खुले दिल से इस सम्मेलन में पटना आ कर भाग लें और कुछ न कुछ योगदान करने की कोशिश करें!! याद रखिए मैं और राजीव भी इस सम्मेलन में आप सबसे मिलने आ रहे हैं।