पंडित शुक्ल की आदमकद प्रतिमा लगाने, राज्य के पाठ्यक्रम में उनकी जीवनी का समावेश,उनकी जन्मस्थली सतबरिया को हेरिटेज ग्राम के रूप में विकसित करने, उनकी जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने की मांग राज्य सरकार से की गई

Written by Rajesh Kumar Bhatta, Patna
पटना। विगत 20 मई को चम्पारण सत्याग्रह के सूत्रधार व महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित राजकुमार शुक्ल की पुण्यतिथि संग्रहालय सभागार, पटना में आयोजित की गई। पुण्यतिथि के मौके पर कार्यक्रम का विधिवत् उद्घाटन माननीय अध्यक्ष, बिहार विधानसभा श्री विजय कुमार चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
उक्त मौके पर चम्पारण सत्याग्रह में पंडित शुक्ल की भूमिका बिषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई l बतौर मुख्य वक्ता सचिव, गांधी संग्रहालय रजी अहमद,विशिष्ट अतिथि, कुलपति पटना विश्वविद्यालय प्रो डॉ रासबिहारी सिंह, व्याख्याता, इतिहास विभाग, प्रो पदमलता ठाकुर, प्रो ओम प्रकाश राय, इतिहासवेता भैरवलाल दास,सहित अम्बरीष कांत ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की ।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन कर पंडित राजकुमार शुक्ल संस्थान के अध्यक्ष राजेश भट्ट ने की। संस्थान की ओर से पंडित शुक्ल की आदमकद प्रतिमा लगाने, राज्य के पाठ्यक्रम में उनकी जीवनी का समावेश,उनकी जन्मस्थली सतबरिया को हेरिटेज ग्राम के रूप में विकसित करने, उनकी जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने की मांग राज्य सरकार से की गई ।
गौरतलब है कि उपरोक्त मांगों को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल विगत 12 मई को राजेश भटट के नेतृत्व मे महामहिम राज्यपाल रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है।
Comments by people:
Sandhya Bhatt: कार्यक्रम के आयोजकों को मेरी कोटि कोटि बधाई #आगे भी पंडित शुक्ल का अलख जगाये रखे ऐसे आयोजन के मौके पर समाज के प्रबुद्ध लोगों को आगे आने की जरूरत है ।
Sunil Sharma बहुत ही खुशी का अवसर कार्यक्रम के आयोजकों को कोटि कोटि धन्यवाद पंडित राजकुमार शुक्ला अमर रहे
Vinita Sharma: वाकई में अगर शुक्ल जी नहीं होते तो गाँधी जी बिहार की धरती पर नहीं आते। बड़ी मशक्कत से वे गाँधी जी को बिहार लाये । लखनऊ अधिवेशन ,फिर साबरमती तत्पश्चात कलकत्ता जहां वे भूपेन बाबू के घर रूके थे वहाँ से pursuade कर वे गाँधी जी को बिहार लाये। गाँधी जी ने शुरू में उन्हें साधारण समझा था । चम्पारण सत्याग्रह ने ही गाँधी जी को बापू एवम् महात्मा बनाया। बिहार की धरती पर अपनी जाति वाले प्रतिभा से परिपूर्ण हैं मंथन एवं शुक्ल जी का सफल आयोजन इस बात की पुष्टि करता है। शुक्ल जी के कृतत्व को प्रकाश में लाने वाले आयोजकों को बधाई।
Deorath Kumar शानदार,सभी आयोजकों को अनन्त बधाई और शुभकामनाएँ
Poonam Jyoti बहुत बहूत बधाई आपलोगो की मेहनत आखिरकार रंग
लाई और आपलोगो ने बडी धर्यपूरवक सफल बनाया. मै भी इसमे शामिल हुई थी. बधाई.
Bhagirth Roy Great congratulation to all organizator
Roy Tapan Bharati आयोजकों को बधाई…. पंडित राजकुमार शुक्ला अमर रहे
Tadak Nath Bhatt बहुत ही सुन्दर कार्यक्रम 🎉।प्रयत्न एक दिन अवश्य सफल होगा ऐसी मेरी सोच और शुभकामनाएँ हैं।
Akhileshwar Sharma कार्यक्रम के आयोजको को बहुत बहुत बधाई
Rajesh Kumar Bhatta कृतज्ञता का कोई पैमाना नहीं होता l
Geeta Bhatt सभी को बहुत बहुत बधाई हो ।
Dilipkumar Pankaj यह प्रयास अवश्य रंग लाएगा
Rakesh Sharma, Advocate: राजेश भाई जी आपसभी ने जिसप्रकार बुझे हुए चिराग को जलाने मैं जो लगन और मेहनत करके आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भुमिका निभाई हैं वह वास्तव में काविले तारिफ ही नहीं बल्कि कुलवंश में जन्में उन सपुतों में आपसब सुमार हैं जो अपने पुर्वजों के प्रतिष्ठा को बढाने के लिए दीपक की भांति जलते रहते हैं. एक समय था जब बहुत लोग स्व शुक्ल जी को स्वजाती मानने में संदेह करते थे क्योंकि गुगल विकिपीडिया पर उनकी जाती को छिपाकर भूमिहार लिख दिया गया था. कांग्रेस पार्टी में समाज की अच्छी भागीदारी के वावजुद भी उस समय के स्वजातिय नेताओं ने स्व शुक्ल जी को भुला दिया. आज के समय में जब चंपारण सत्याग्रह के स्वर्ण जयंती समारोह पटना मे मनायी गयी उस समय भी स्व शुक्ल जी का समारोह में एक फोटो तक नहीं लगा लेकिन बाद में इसकी खाना पुर्ती बेतिया में जाकर पुरी कि गई. कहने का अभिप्राय यह है कि इसी तरह पहले से ऐसे ऐसे कार्यक्रम और व्याखान होते आये रहता मिडीया के मार्फत लोगों का तथा सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया होता तो आज स्थिति कुछ और होती फिर भी देर आए दूरस्थ आए बहुत अच्छा लगा. आपसभी आयोजकों को बहुत बहुत धन्यवाद.
Rajesh Kumar Bhatta सर यह सब आप लोगों के सहयोग से हीं संभव हो पायेगा । मै अकेले आपके बगैर सक्षम नहीं हू़ँ। इसमें आपके ऐसे प्रबुद्ध लोगों की हमे अपेक्षा है ।भविष्य की कार्य योजना मे आपकी सहमति व सुझाव हमारे लिये महत्वपूर्ण होगा ।
Roy Manoranjan Prasad Congrats for organizing the programme successfully . Hopeful for the success of the mission ahead .Jayam dehi .